जनता तय करेगी देहरादून के विकास की दिशा, महायोजना-2041 पर 6 जुलाई से महामंथन

देहरादून। तेजी से बढ़ते शहरीकरण और आबादी की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार ‘देहरादून महायोजना-2041’ अब अंतिम पड़ाव पर है। एमडीडीए ने इसे केवल एक सरकारी दस्तावेज न मानकर जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप ढालने का फैसला किया है। 6 जुलाई को अजबपुर खुर्द से शुरू होकर 21 जुलाई को चंद्रबनी रोड तक चलने वाली इस जनसुनवाई में नागरिक सड़क, पानी, पार्किंग और आवासीय क्षेत्रों जैसे बुनियादी मुद्दों पर अपनी बात रख सकेंगे। इस दौरान नागरिकों, भू-स्वामियों, विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न संस्थाओं को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर तैयार इस कार्यक्रम के तहत देहरादून को 12 सेक्टरों में विभाजित कर अलग-अलग स्थानों पर जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। सभी सुनवाई सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक होंगी।
प्राधिकरण का मानना है कि शहर के भविष्य से जुड़े इतने महत्वपूर्ण दस्तावेज को अंतिम रूप देने में स्थानीय लोगों की राय सबसे अहम है। देहरादून महायोजना-2041 शहर के सुनियोजित, संतुलित और सतत विकास का रोडमैप है। इसमें आवासीय क्षेत्रों के विस्तार, व्यावसायिक गतिविधियों, संस्थागत विकास, औद्योगिक क्षेत्रों, हरित पट्टियों, परिवहन नेटवर्क, पार्किंग व्यवस्था, जल निकासी, पेयजल, सड़क संपर्क और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े व्यापक प्रावधान शामिल किए गए हैं। तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण के बीच यह योजना भविष्य की चुनौतियों से निपटने की दिशा भी तय करेगी।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि महायोजना-2041 केवल सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि देहरादून के भविष्य का विजन है। इसकी सफलता नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार योजना में संशोधन भी किया जाएगा। एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि जनसुनवाई प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रत्येक सेक्टर में अधिकारियों की टीम मौजूद रहेगी, जो प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का अभिलेखीकरण करेगी। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सहभागिता से तैयार महायोजना अधिक व्यावहारिक और जनहितकारी साबित होगी। जनसुनवाई का पहला चरण 6 जुलाई को अजबपुर खुर्द स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में सेक्टर-1 से शुरू होगा, जबकि अंतिम सुनवाई 21 जुलाई को चंद्रबनी रोड स्थित वाइल्ड लाइफ इंस्टिट्यूट में सेक्टर-12 के लिए आयोजित की जाएगी। इसके अलावा ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी, दून यूनिवर्सिटी, नगर निगम टाउन हॉल, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, डीआईटी यूनिवर्सिटी, पॉलीटेक्निक सुधोवाला और अन्य प्रमुख संस्थानों में भी सुनवाई आयोजित की जाएगी।
एमडीडीए ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने-अपने सेक्टर की निर्धारित तिथि पर जनसुनवाई में भाग लेकर सुझाव एवं आपत्तियां दर्ज कराएं, ताकि देहरादून की विकास योजना वास्तव में जनता की अपेक्षाओं और जरूरतों के अनुरूप तैयार की जा सके।



