
New Tehri, 12 October, 2026। उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन अब केवल आस्था तक सीमित न रहकर स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और पहाड़ों से होने वाले पलायन को रोकने का एक सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। नरेंद्रनगर में मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की स्वर्ण जयंती का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार चारधाम यात्रा, मानसखंड मंदिर माला मिशन और विभिन्न विकास योजनाओं के माध्यम से धार्मिक स्थलों का संरक्षण कर रही है, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान मिलने के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका और स्वरोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सामुदायिक मैदान में ध्वजारोहण कर नौ दिवसीय 50वें मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मां कुंजापुरी के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की।
इस दौरान उन्होंने मेले की झांकियों का अवलोकन किया और विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन कर विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1974 में शुरू हुआ यह मेला पांच दशक की यात्रा पूरी कर चुका है। यह आयोजन धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने के साथ व्यापार, पर्यटन तथा क्षेत्रीय विकास को भी गति दे रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, बदरी-केदार क्षेत्र और मानसखंड मंदिरों के विकास जैसे प्रयासों से देश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिल रही है।
धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पर्यटन के लाभ गांवों तक पहुंचाना है। दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास योजना, होमस्टे, एक जनपद-दो उत्पाद और हाउस ऑफ हिमालयाज जैसे प्रयास स्थानीय उत्पादों और स्वरोजगार को बढ़ावा दे रहे हैं। स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन तथा फार्म मशीनरी बैंक के माध्यम से कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इससे महिलाओं और युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ने की संभावनाएं हैं।
उन्होंने बताया कि टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड और पर्यटन मार्ग विकसित किए जा रहे हैं। नरेंद्रनगर में पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, केंद्रीय विद्यालय, विधि महाविद्यालय, सभागार और गजा अस्पताल के उच्चीकरण सहित विभिन्न विकास कार्य भी किए जा रहे हैं। करीब 50 करोड़ रुपये की सीवर लाइन परियोजना का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं। सरकार पारदर्शी व्यवस्था और विकास कार्यों के माध्यम से उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
- टिहरी झील में बन रही रिंग रोड: जिले में चल रहे विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड और पर्यटन मार्ग विकसित किए जाने की बात कही। उन्होंने नरेंद्रनगर में राजकीय पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, केंद्रीय विद्यालय, विधि महाविद्यालय और सभागार निर्माण के साथ गजा अस्पताल के उच्चीकरण तथा करीब 50 करोड़ रुपये की सीवर लाइन से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया।
- आकर्षण का केंद्र बनी झांकियां: मेले के शुभारंभ पर छोलिया नृत्य, महिषासुर मर्दिनी, नरसिंह अवतार, माखन होली और बदलता नरेंद्रनगर जैसी विषयवस्तुओं पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। 11 से 19 अक्टूबर तक चलने वाले मेले में खेल प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से लोक संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।
- लोक संस्कृति का संरक्षण जरूरी: कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि तत्कालीन जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह पांगती की पहल से वर्ष 1974 में शुरू हुआ यह आयोजन आज जनसहभागिता के कारण बड़े राज्यस्तरीय मेले का रूप ले चुका है। मेला उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ खेल एवं पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने नरेंद्रनगर में पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, विधि महाविद्यालय के लिए बजट और पदों के सृजन तथा सीवर लाइन सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।



