उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदला: चारों धामों की चोटियों पर बर्फबारी, निचले इलाकों में बारिश से गिरा तापमान

Dehradun, 30 Octorber, 2026। उत्तराखंड में बंगाल की खाड़ी से उठे तूफान ‘अर्नब’ और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित राज्य की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी शुरू हो गई है, जबकि निचले इलाकों में लगातार बारिश से तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। इस बदलाव से पहाड़ी से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली जिलों में आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि और तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम में आए बदलाव का असर पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक महसूस किया जा रहा है। लगातार बारिश के कारण दिन के तापमान में गिरावट आने से ठिठुरन बढ़ गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद ठंड और बढ़ने की संभावना है।
सुबह और शाम के समय तापमान में गिरावट का असर अधिक महसूस किया जा रहा है। मौसम के बदले मिजाज के चलते सामान्य जनजीवन के साथ पर्वतीय क्षेत्रों में आवाजाही करने वाले लोगों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। चारों धाम की चोटियों पर बर्फबारी से शीतकालीन मौसम का अहसास होने लगा है। ऊंचाई वाले इलाकों में बदलते मौसम को देखते हुए यात्रियों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। विशेष रूप से पर्वतीय मार्गों पर सफर करने वालों को बारिश, कम दृश्यता और संभावित ओलावृष्टि को ध्यान में रखकर यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जाती है। प्रदेश में शुक्रवार को भी मौसम के तेवर तीखे रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि होने और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की आशंका जताई गई है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की जरूरत है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही आगे बढ़ना चाहिए। लगातार बारिश और तापमान में गिरावट के चलते प्रदेश में ठंड का प्रभाव और बढ़ सकता है।



