खाद्य तेलों की पैकेजिंग पर सरकार का बड़ा फैसला, 200 ग्राम/मिली से कम के पैकेटों पर लगी रोक

देहरादून। प्रदेश के करोड़ों उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने खाद्य तेलों की पैकेजिंग और बिक्री के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने विधिक माप (लीगल मेट्रोलॉजी) ढांचे के तहत अब खाद्य तेलों के लिए मानक पैक आकार (Standard Pack Sizes) निर्धारित कर दिए हैं, जिसके तहत 200 ग्राम या 200 मिलीलीटर से कम क्षमता वाले पैकेटों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
अगले तीन महीनों में लागू होने वाली इस नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं के लिए विभिन्न ब्रांडों की कीमतों की तुलना करना बेहद आसान हो जाएगा। इसके लिए विभाग ने 29 दिसंबर 2023 की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में संशोधन किया है। यह निर्णय खाद्य तेल उद्योग के प्रमुख संगठनों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद लिया गया है, जो देश के करीब 90 प्रतिशत खाद्य तेल बाजार का प्रतिनिधित्व करते हैं। नए नियमों के अनुसार अब सरसों, सोयाबीन, सूरजमुखी, पाम, मूंगफली, तिल, राइस ब्रान, कॉटन सीड और मक्का तेल सहित प्रमुख खाद्य तेल केवल निर्धारित पैक आकारों में ही बेचे जाएंगे।
इसके तहत 200 ग्राम/मिली, 500 ग्राम/मिली, 1 लीटर/किलोग्राम, 2 लीटर/किलोग्राम, 3 लीटर/किलोग्राम, 4 लीटर/किलोग्राम, 5 लीटर/किलोग्राम, 15 लीटर/किलोग्राम और 20 लीटर/किलोग्राम को मानक बनाया गया है। इससे कम मात्रा वाले पैक बाजार से बाहर हो जाएंगे। नए नियमों के तहत कंपनियों को पैकेट पर तेल की मात्रा के साथ उसका समतुल्य वजन भी स्पष्ट रूप से अंकित करना होगा। यह व्यवस्था घरेलू स्तर पर उत्पादित और विदेशों से आयातित दोनों प्रकार के खाद्य तेलों पर लागू होगी।
निर्माताओं, पैकरों और आयातकों को नए नियमों के अनुरूप पैकेजिंग में बदलाव करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है। सरकार का मानना है कि इस पहल से खाद्य तेल बाजार में एकरूपता आएगी, उचित प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा और उपभोक्ताओं को खरीदारी के दौरान अधिक पारदर्शिता मिलेगी। साथ ही ग्राहकों के लिए विभिन्न ब्रांडों के बीच तुलना करना आसान होगा और उन्हें अपने पैसे का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक खरीदारी का विकल्प उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि एक समान पैकेजिंग व्यवस्था लागू होने से ग्राहकों के लिए विभिन्न ब्रांडों की कीमतों की तुलना करना आसान होगा और उन्हें अपने पैसे का सही मूल्य समझने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह कदम उपभोक्ता हितों की रक्षा और निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। विभाग के अनुसार वर्तमान में बाजार में कई कंपनियां अलग-अलग आकार के पैक बेचती हैं, जिससे उपभोक्ताओं को वास्तविक कीमत और मात्रा का आकलन करने में कठिनाई होती है।



