ग्रामीण उत्तराखंड में स्वच्छता की नई पहल: सीएम धामी ने खटीमा से 15 कचरा वाहनों को दिखाई हरी झंडी, 373 ग्राम पंचायतों के लिए बना सॉलिड वेस्ट प्लान

Khatima, 26 September, 2026। उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन (वेस्ट मैनेजमेंट) को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा से ठोस और तरल कचरा प्रबंधन के लिए 15 नए वाहनों को रवाना किया, जिनमें सीएसआर (CSR) के तहत मिले 7 इलेक्ट्रिक वाहन भी शामिल हैं। जिले की 373 ग्राम पंचायतों को 71 क्लस्टरों में बांटकर अपशिष्ट प्रबंधन की एक मजबूत कार्ययोजना तैयार की गई है, जिससे ग्रामीण इलाकों को स्वच्छ बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। नेस्ले इंडिया ने धर्मपुर, छत्तरपुर, बिंदूखेड़ा (फौजी मटकोटा), कीरतपुर, बागवाला, दानपुर और नगला तराई के लिए एक-एक इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराया है।
वहीं, ब्रिटानिया की ओर से स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी काम कर रही है।
अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने में आधुनिक संसाधनों, जनभागीदारी और कॉरपोरेट सेक्टर की भूमिका अहम है। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर विकसित किए जा रहे सेल्फ-सस्टेनिंग मॉडल को स्वच्छता व्यवस्था के लिए उपयोगी बताया। मुख्य विकास अधिकारी दिवेश सासनी ने बताया कि जिले की 373 ग्राम पंचायतों में 71 क्लस्टरों के माध्यम से अपशिष्ट प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार की गई है। जिले में कुल 231 वाहनों का बेड़ा तैयार है। इसमें स्वच्छ भारत मिशन के 134 ई-रिक्शा और 75 ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित सीएसआर व अन्य योजनाओं से मिले वाहन शामिल हैं।
विभिन्न विकासखंडों में जिला पंचायत द्वारा कॉम्पेक्टर भी संचालित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश सासनी, अपर सचिव मुख्यमंत्री एवं सदस्य सचिव सीएसआर मनमोहन मैनाली तथा नेस्ले इंडिया के कॉरपोरेट अफेयर्स एवं सस्टेनेबिलिटी डायरेक्टर कुंवर हिम्मत सिंह उपस्थित रहे।



