राजपुर रोड में विकास कार्यों की समीक्षा: कैबिनेट मंत्री खजान दास ने नगर निगम को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम, गैर-हाजिर अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही

Dehradun, 30 September, 2026। विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में कैबिनेट मंत्री खजान दास की अध्यक्षता में राजपुर रोड विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों और लंबित परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान नगर निगम की ढीली कार्यप्रणाली, साफ-सफाई की बदहाली और मच्छरों के प्रकोप पर मंत्री ने गहरी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर पूरी व्यवस्था चाक-चौबंद करने का सख्त अल्टीमेटम दिया। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री के निर्देशों का हवाला देते हुए 15 अक्टूबर तक क्षेत्र की सभी सड़कों को गड्ढा-मुक्त करने के कड़े निर्देश दिए गए। समीक्षा बैठक से बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर स्मार्ट सिटी और पेयजल निगम के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की चेतावनी भी दी गई।
मंगलवार को विधानसभा स्थित अपने मुख्य कार्यालय कक्ष में राजपुर रोड विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और तमाम लंबित पड़ी परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति को लेकर एक उच्चस्तरीय संयुक्त विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के चहुंमुखी विकास से जुड़े विभिन्न विभागों के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और जिम्मेदार नुमाइंदे मौजूद रहे, जहां मंत्री ने एक-एक कर सभी विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों को भविष्य के लिए सख्त निर्देश दिए।
उन्होंने इस बात पर विशेष रूप से जोर दिया कि सफाई और कूड़ा उठान जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए भी यदि जनता को बार-बार शिकायत करनी पड़े और अधिकारियों को खुद टोकना पड़े, तो यह सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है, जिससे आम जनता को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने ऊर्जा निगम के अधिकारियों के साथ विद्युत लाइनों को भूमिगत करने के चल रहे कार्यों की प्रगति की पूरी जानकारी ली गई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी भूमिगत विद्युत लाइन के कार्य तय समय-सीमा के भीतर ही पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि जनता को निर्बाध बिजली मिल सके। इसके अलावा बैठक में चौराहों के सौंदर्यीकरण, मॉडल कॉलोनी के निर्माण, सीवर लाइन बिछाने के कार्य, हरिद्वार रोड पर प्रस्तावित फुटओवर ब्रिज के निर्माण, पेयजल से जुड़ी योजनाओं, परेड ग्राउंड तथा पलटन बाजार के लंबित पड़े विकास कार्यों को लेकर भी बेहद गंभीर चर्चा की गई।
मंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि इन सभी महत्वपूर्ण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और आपसी बेहतर समन्वय के साथ इन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना सुनिश्चित किया जाए ताकि आम जनता को सहूलियत मिल सके। बैठक में नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे भी शामिल रहे।
लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान मंत्री खजान दास ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उस विशेष निर्देश की कड़ाई से याद दिलाई, जिसके तहत 15 अक्टूबर तक प्रदेश की सभी सड़कों को हर हाल में गड्ढा-मुक्त किया जाना है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस डेडलाइन का सख्ती से पालन हो। सड़कों को गड्ढा-मुक्त करने के लिए तत्काल प्रभाव से निविदाएं आमंत्रित की जाएं और धरातल पर कार्यों में तेजी लाई जाए।
बैठक की गंभीरता के बावजूद इसमें शामिल न होने वाले दो प्रमुख विभागों, स्मार्ट सिटी और पेयजल निगम के अधिकारियों की गैर-मौजूदगी पर मंत्री खजान दास ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इन दोनों गैर-हाजिर विभागों की जवाबदेही तय की जाएगी। मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने की बात कही।



