धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला: सेवामुक्त अग्निवीरों को वर्दीधारी विभागों में मिलेगी सीधी छूट, 10% आरक्षण भी लागू

Haridwar, 12 October, 2026। चार साल की सेवा पूरी कर घर लौटने वाले उत्तराखंड के लगभग 1,200 अग्निवीरों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार में हुई कैबिनेट बैठक में ‘अग्निवीर क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026’ को मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत राज्य के वर्दीधारी विभागों (पुलिस, वन, आबकारी, कारागार व अग्निशमन) के समूह ‘ग’ के पदों पर भर्ती के दौरान सेवामुक्त अग्निवीरों को लिखित और शारीरिक मानक परीक्षा में विशेष छूट दी जाएगी। नवंबर 2026 में अग्निवीरों का पहला बैच अपनी सेवा पूरी करने जा रहा है, जिनके समायोजन और बेहतर भविष्य के लिए सरकार ने विशेष ‘अग्निवीर सेल’ का भी गठन किया है। हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण कक्ष में सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
महानिदेशक (सूचना) बंशीधर तिवारी ने राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती के पदों पर अग्निवीरों को भर्ती का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि वर्दीधारी विभागों में सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को कैबिनेट ने मंजूरी दी गई। उन्होंने बताया कि सरकार ने नई नियमावली में अग्निवीरों की भर्ती प्रक्रिया में और अधिक रियायतें दी हैं। इसमें लिखित परीक्षा तथा शारीरिक मानक परीक्षा में विशेष छूट के कड़े प्रावधान शामिल किए हैं। तिवारी ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2025 की नियमावली में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा में छूट और शारीरिक दक्षता परीक्षा में राहत दी गई थी। कहा कि केंद्र सरकार के नए निर्देशों को ध्यान में रख नई नियमावली तैयार की गई है।
राज्य के वर्दीधारी विभागों के समूह ‘ग’ के पदों में भर्ती के लिए एक एकीकृत चयन व्यवस्था लागू की है। इसके तहत मुख्य रूप से पांच प्रमुख विभागों उत्तराखंड पुलिस, अग्निशमन सेवा, कारागार, वन विभाग (वन आरक्षी) और आबकारी विभाग के अंतर्गत सिपाही, उप निरीक्षक तथा अन्य समकक्ष पदों को शामिल किया गया है। इन सभी विभागों में पारदर्शी और एक समान शारीरिक मानकों व लिखित परीक्षा की प्रक्रिया तय की गई है।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि अग्निपथ योजना के तहत चार साल का कार्यकाल पूरा कर अग्निवीरों का पहला बैच नवंबर 2026 में सेवामुक्त होने जा रहा है। नौसेना का पहला दल 21 नवंबर को अपनी सेवा पूरी करेगा, जिसके बाद थल और वायुसेना के जवान भी लौटेंगे। वर्ष 2022 के पहले चरण में देशभर में भर्ती करीब 46,000 युवाओं में से 25 प्रतिशत को स्थायी काडर मिलेगा, जबकि 75 प्रतिशत सिविल जीवन में आएंगे। इसमें उत्तराखंड से लगभग 1,200 अग्निवीरों के वापस लौटने की उम्मीद है। इन युवाओं के भविष्य और समुचित समायोजन के लिए राज्य सरकार ने विशेष ‘अग्निवीर सेल’ का गठन भी किया है।
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सरकार ने राज्य के साहसी और जांबाज बच्चों को सम्मानित करने के लिए ‘मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना’ को मंजूरी दी है। यह योजना विपरीत परिस्थितियों में धैर्य, असाधारण साहस और मानवीय संवेदना का परिचय देने वाले नन्हें वीरों को सम्मानित करेगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इन बहादुर बच्चों को प्रोत्साहित करना और समाज के अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बनाना है। इस योजना से प्रदेश के बच्चों में आत्मबल, निडरता और सामाजिक संवेदना की भावना को मजबूती मिलेगी।
मंत्रिमंडल ने पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सत्र की तिथि और स्थान तय करने के लिए मुख्यमंत्री धामी को अधिकृत किया गया है। विधानसभा का यह सत्र अक्टूबर के अंतिम सप्ताह गैरसैंण में आयोजित हो सकता है। आधिकारिक अधिसूचना जल्द जारी की जाएगी।



