कुंभ मेला 2027: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तैयारियों की समीक्षा, समयबद्ध कार्य पूरे करने के दिए निर्देश

हरिद्वार। कुंभ मेला 2027 को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समीक्षा बैठक में आधुनिक तकनीकों से लैस ‘इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर’ और सीसीआर-2 परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। 33 स्थायी योजनाओं के माध्यम से ऋषिकेश से हरिद्वार तक घाटों, सड़कों और पुलों का जाल बिछाया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय अनुभव मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ से जुड़े सभी कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और आवश्यक स्वीकृतियां तुरंत जारी की जाएंगी। उन्होंने बैठक के दौरान ही मुख्य सचिव से दूरभाष पर वार्ता कर लंबित प्रस्तावों पर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए तैयारियों को गति देने को कहा।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सड़क, पुल, पेयजल, स्वास्थ्य, यातायात और पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे हों। आगामी चारधाम यात्रा, वर्षाकाल और कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए कार्यों की रणनीति बनाने पर भी जोर दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीकों से लैस इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की स्थापना को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मेला नियंत्रण भवन के पास प्रस्तावित सीसीआर-2 परियोजना को भी जल्द वित्तीय स्वीकृति देने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खड़खड़ी पुल और श्रीयंत्र पुल से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। ऋषिकेश, मुनीकीरेती और कुंभ क्षेत्र के अन्य सेक्टरों में स्वच्छता, सीवरेज और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने बताया कि कुंभ 2027 के लिए 33 स्थायी योजनाओं पर कार्य जारी है, जिनमें सड़क, घाट, जलापूर्ति, चिकित्सा और सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं। मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर मार्गों के सुधार को भी स्वीकृति मिल चुकी है।



