
मसूरी। उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थल मसूरी और नैनीताल इस वीकेंड सैलानियों से पूरी तरह पैक नजर आए। शनिवार दोपहर तक दोनों शहरों के होटलों में ऑक्यूपेंसी 95 फीसदी तक पहुंच गई, जिससे पर्यटन कारोबार में भारी उछाल देखा जा रहा है। हालांकि, भारी भीड़ के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई और पर्यटकों को घंटों लंबे जाम का सामना करना पड़ा। मसूरी के गांधी चौक से लेकर लाइब्रेरी बाजार तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिसे संभालने के लिए प्रशासन को अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। झरनों और प्राकृतिक वादियों का लुत्फ उठाने पहुंचे पर्यटकों ने जाम पर थोड़ी नाराजगी तो जताई, लेकिन पहाड़ों की खुशनुमा आबोहवा ने उनकी थकान को सुकून में बदल दिया। स्थानीय प्रशासन और होटल एसोसिएशन अब आगामी दिनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक मैनेजमेंट और बेहतर करने पर जोर दे रहे हैं।
मसूरी में कैंपटी फॉल और भट्टा फॉल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी भारी भीड़ उमड़ पड़ी। झरनों के किनारे परिवारों और युवाओं की मौजूदगी ने माहौल को उत्सव जैसा बना दिया, लेकिन भीड़ के चलते पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था पर दबाव साफ नजर आया। स्थानीय प्रशासन ने हालात संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है और यातायात को चरणबद्ध तरीके से डायवर्ट किया जा रहा है, ताकि पर्यटकों को अधिक परेशानी न हो। उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप साहनी ने बताया कि वीकेंड पर्यटक स्थलों पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है लेकिन वे लोग पूरी तरह तैयार हैं।
दिल्ली से आए पर्यटक चार्टेड एकाउंटेंट राहुल मेहरा ने बताया, “मसूरी का मौसम शानदार है, लेकिन जाम ने थोड़ा परेशान किया। फिर भी यहां आकर सुकून मिलता है।” वहीं जयपुर की नेहा अग्रवाल ने कहा, “कैंपटी फॉल पर काफी भीड़ है, लेकिन प्राकृतिक सुंदरता सब थकान भुला देती है।” देहरादून से पहुंचे अमन गुप्ता ने कहा कि वीकेंड पर भीड़ का अंदाजा था, लेकिन ट्रैफिक प्रबंधन और बेहतर किया जा सकता है। पर्यटन कारोबारियों के लिए यह भीड़ राहत भरी खबर लेकर आई है। होटल, रेस्टोरेंट और स्थानीय दुकानों में अच्छी खासी रौनक देखने को मिल रही है। व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय बाद ऐसा वीकेंड रश देखने को मिला है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।



