
नैनीताल (भवाली)। उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों और कैंचीधाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। नैनीताल जिले में दशकों से नासूर बनी यातायात जाम की समस्या को देखते हुए शासन ने भवाली-रातिघाट बाईपास निर्माण को युद्धस्तर पर पूरा करने का फैसला लिया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हाल ही में प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आगामी जून महीने के मुख्य पर्यटन सीजन की शुरुआत से पहले इस बाईपास को हर हाल में यातायात के लिए खोल दिया जाए।
शासन की मंशा है कि बाबा नीम करौली के दर्शन के लिए उमड़ने वाली भीड़ और पहाड़ों की ओर जाने वाले वाहनों के दबाव को कम करने के लिए इस वैकल्पिक मार्ग का जल्द से जल्द संचालन शुरू हो। इसके लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि यदि मुख्य पुल के निर्माण में समय लग रहा है, तो वहां तत्काल वैली ब्रिज (अस्थायी पुल) की व्यवस्था कर रास्ता चालू किया जाए। इस रणनीतिक कदम से न केवल स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी, बल्कि कुमाऊं के पहाड़ी जिलों की ओर जाने वाले यात्रियों का समय भी बचेगा और कैंचीधाम क्षेत्र में लगने वाले घंटों लंबे जाम से स्थाई छुटकारा मिल सकेगा। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हाल ही में नैनीताल दौरे के दौरान कैंचीधाम क्षेत्र में लगने वाले जाम की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाईपास निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और आवश्यकतानुसार अस्थायी व्यवस्थाएं अपनाकर भी मार्ग को जल्द शुरू किया जाए। स्थायी मोटर पुल के निर्माण तक वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में वैली ब्रिज लगाकर यातायात शुरू करने को कहा गया है।
करीब 18.15 किलोमीटर लंबे इस बाईपास का लगभग 8 किलोमीटर हिस्सा तैयार होकर चालू हो चुका है। बाकी 10.15 किलोमीटर में पहाड़ कटिंग का काम पूरा कर लिया गया है और अब सुरक्षा दीवारों व अन्य निर्माण कार्यों को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस हिस्से पर करीब 9.81 करोड़ रुपये की लागत से कार्य जारी है।
परियोजना के तहत रातीघाट में 74.15 मीटर स्पान का मोटर पुल भी बनाया जा रहा है, जिसकी लागत लगभग 9.63 करोड़ रुपये है। पुल का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है और इसके पूरा होते ही यातायात को और मजबूती मिलेगी। बाईपास के शुरू होने से कैंचीधाम में लगने वाले भारी जाम से राहत मिलेगी, साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। हर वर्ष बाबा नीम करौली के प्रसिद्ध कैंचीधाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे यातायात दबाव बढ़ जाता है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भवाली बाईपास और शिप्रा नदी पर बने नए डबल लेन पुल का भी अवलोकन किया, जो अब संचालन के लिए तैयार है। शासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरे किए जाएं, ताकि आगामी पर्यटन सीजन में यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।



