
हरिद्वार। डिजिटल डिपार्टमेंट (विजिलेंस) ने रविवार को बाल विकास विभाग के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला सुपर होल्डर को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेने वाले रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मोटरसाइकिल (प्रमोशन) के बदले में मोटरसाइकिल ने डिपार्टमेंट में यह सुविधा ले ली थी। कंपनी से आई विजिलेंस टीम के इस ‘जाल’ में पूरे विभाग को शामिल किया गया है और अब उच्च अधिकारियों की जांच तक पहुंच की संभावना है। जानकारी के अनुसार, मेमोरियल से आई एसआईटी ने शिकायत बैठक के बाद पूरी योजना के तहत अंडर ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। कंपनी का आरोप था कि प्रमोशन के बदले रिश्वत की मांग की जा रही है। इसी के आधार पर टीम ने जाल बिछाया और बेघर महिला सुपर डिपेंडेंट राखी प्लास्टिक को पैसे लेकर पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद बाल विकास विभाग के अधिकारियों में सुपरमार्केट- शेखर का मोहरा है। जांच के दौरान डी.सी.पी. कार्यालय के एक अधिकारी का नाम भी सामने आया, जिससे मामला और गंभीर हो गया। एसआईटी विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहा है और अन्य विद्यार्थियों की भूमिका भी जारी है।


