उत्तराखंड शिक्षा विभाग में डिजिटल क्रांति: अब शिक्षकों को ‘एक क्लिक’ पर मिलेगी छुट्टी, ऑनलाइन होगा पूरा प्रोसेस

- कहीं से भी आवेदन: शिक्षक और कर्मचारी कभी भी और कहीं से भी छुट्टी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
- पारदर्शी प्रक्रिया: छुट्टी मंजूर करने की पूरी प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी होगी, जिससे भ्रष्टाचार और देरी पर लगाम लगेगी।
- डिजिटल गवर्नेंस: आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।
- सीधा लाभ: अब एक क्लिक पर ही कार्मिकों की छुट्टियां मंजूर हो सकेंगी, जिससे उनका समय और ऊर्जा बचेगी।
देहरादून। उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा विभाग में अब शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए छुट्टी लेना बेहद आसान होने जा रहा है। राज्य सरकार ने विभाग में ‘डिजिटल गवर्नेंस’ को बढ़ावा देते हुए अवकाश की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। इसके लिए ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक विशेष अवकाश प्रबंधन मॉड्यूल (Leave Management Module) जोड़ा जाएगा। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के अनुसार, इस नई व्यवस्था से न केवल शिक्षकों को अफसरों की जी-हुजूरी और कार्यालयों की दौड़-भाग से मुक्ति मिलेगी, बल्कि विभाग में पारदर्शिता, सुशासन और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा दे रही है ताकि आधुनिक तकनीक के माध्यम से विभाग में पारदर्शिता, दक्षता, सुशासन के साथ-साथ जवाबदेही भी सुनिश्चित हो सके। इसी कड़ी में सरकार ने शिक्षक व शिक्षणेत्तर कार्मिकों के अवकाश की प्रक्रिया ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार के इस निर्णय के तहत विद्या समीक्षा केन्द्र के प्लेटफार्म पर ऑनलाइन अवकाश प्रबंधन मॉड्यूल जोड़ा जायेगा। इसके माध्यम से शिक्षक व अन्य कार्मिक कभी भी और कहीं से भी अवकाश के लिये ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। उनकी अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया भी ऑनलाइन पूरी की जायेगी, यह प्रक्रिया पूरी तरह सरल, पारदर्शी व समयबद्ध होगी। इससे शिक्षकों को छुट्टी के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि एक क्लिक पर उनकी छुट्टियां मंजूर होंगी।
कहा कि यह व्यवस्था लागू होने से शिक्षक-शिक्षणेत्तर कार्मिकों के अवकाश से संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित व व्यवस्थित रहेंगे, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक असुविधा नहीं होगी। साथ ही अधिकारियों को भी अवकाश स्वीकृति में आसानी होगी और समय की भी बचत होगी। कहा कि ऑनलाइन माध्यम से शिक्षक अपनी सुविधानुसार आकस्मिक अवकाश, ऐच्छिक अवकाश, अर्जित अवकाश, चिकित्सा अवकाश, मातृत्व अवकाश, बाल्य देखभाल अवकाश ले सकेंगे।
डॉ. रावत ने कहा कि शिक्षकों के ऑनलाइन अवकाश प्रणाली को शीघ्र लागू करने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग के अन्य प्रशासनिक कार्यों को भी चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन किया जाएगा, जिससे शिक्षा विभाग पूरी तरह ई-गवर्नेंस आधारित प्रणाली की ओर अग्रसर हो सके।



