
नई टिहरी। उत्तराखंड की प्रसिद्ध टिहरी झील में कुदरत के कहर के बीच एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। तेज तूफान और भारी बारिश के कारण डोबरा चांठी पुल के पास स्थित 20 फ्लोटिंग हट्स संकट में फंस गईं। हवाओं के प्रचंड वेग से हट्स को जोड़ने वाले रास्तों (जेटी) के ताले टूट गए, जिससे वहां ठहरे 30 पर्यटकों की जान पर बन आई। सूचना मिलते ही SDRF की टीम ने कमान संभाली और अंधेरे व खराब मौसम की चुनौतियों को मात देते हुए एक घंटे के भीतर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने डीएम टिहरी नितिका खंडेलवाल को जांच के आदेश दिए हैं।
टिहरी की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने बताया कि घटना देर शाम करीब पौने आठ बजे की है। भारी तूफान के बीच डोबरा चांठी पुल के पास तैर रहीं ये हट फंस गईं। ठीक आठ बजे इसकी सूचना एसडीआरएफ को दी गई तो तत्काल कोटी कॉलोनी स्थित एसडीआरएफ पोस्ट से उपनिरीक्षक नरेंद्र राणा के नेतृत्व में टीम आवश्यक उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचने पर रेस्क्यू टीम ने देखा कि जेटी के कुछ हिस्से झील में बह गए थे। प्रतिकूल मौसम, तेज हवाओं और अंधेरे के बावजूद एसडीआरएफ ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए एक-एक कर फंसे पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू किया।
करीब एक घंटे तक चले इस अभियान में कुल 30 पर्यटकों को सकुशल रेस्क्यू किया गया। इसके बाद सभी को पर्यटन विभाग की नावों के माध्यम से सुरक्षित कोटी कॉलोनी पहुंचाया गया। घटना के बाद प्रशासन ने झील क्षेत्र में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा शुरू कर दी है। टिहरी की मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने बताया कि सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल फ्लोटिंग हटस का संचालन बंद कर दिया गया है। सुरक्षा मानकों पर परखने के बाद आवश्यक उपाय कर दोबारा शुरू किया जाएगा।
मुख्य सचिव के आदेश के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है। एसडीएम टिहरी कमलेश मेहता की अध्यक्षता में बनी कमेटी में अधीक्षण अभियंता लोनिवि टिहरी केएस नेगी, पुलिस क्षेत्राधिकारी नई टिहरी चंद्रमोहन सिंह, जिला पर्यटन विकास अधिकारी सोबत सिंह राणा, प्रभारी निरीक्षक एसडीआरएफ कविंद्र सजवाण को सदस्य नामित किया गया है। यह समिति चार दिन में रिपोर्ट देगी।



