विश्व में तेल का अकाल, युद्ध की आग में झुलसी दुनिया, भारत को राहत
नई दिल्ली। ईरान युद्ध की आग ने दुनिया भर में ईंधन और ऊर्जा का गंभीर संकट पैदा कर दिया है। जहाँ फिलीपींस ने ‘नेशनल एनर्जी इमरजेंसी’ घोषित कर दी है, वहीं जापान अपने सुरक्षित तेल भंडारों को खोलने पर मजबूर है। पड़ोसी देश पाकिस्तान और श्रीलंका में काम करने के दिन घटा दिए गए हैं। इस वैश्विक अफरा-तफरी के बीच भारत के लिए राहत की खबर है; सरकार का दावा है कि देश में तेल और ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पाकिस्तान में ऊर्जा के अलावा गेहूं और यूरिया का संकट पैदा हो गया है। पाकिस्तान के अलावा श्रीलंका में ‘फोर डे वर्क’ व्यवस्था लागू कर दी गई है। निजी कंपनियां वर्क फ्रोम होम की सुविधा दे रही हैं।
ऊर्जा संकट के बीच दक्षिण कोरिया में लोगों से दिन में फोन चार्ज करने और कम समय तक नहाने की सलाह दी गई है। फिलीपींस ऊर्जा आपातकाल लगाने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।
वहीं जापान की सरकार अपने आपातकालीन तेल भंडार से बड़े पैमाने पर निकासी शुरू कर दी है। उसके पास करीब तीन हफ्ते की गैस बची है। ऑस्ट्रेलिया, फिलीपींस और वियतनाम समेत कई देशों की एयर लाइंस को अपनी उड़ानें रद्द या सीमित करना पड़ रहा है । न्यूजीलैंड की सरकार ने निम्न और मध्यम आय वाले परिवारों को 29 डॉलर (भारतीय रुपये में 2,450) की साप्ताहिक सहायता देने का ऐलान किया है।
- ईरान ने कहा-मित्र देशों को देंगे रास्ता
ईरान ने भारत और कुछ अन्य ‘मित्र देशों’ के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है । ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को यह जानकारी दी। ईरानी समाचार एजेंसी तसनीम ने विदेश मंत्री के हवाले से कहा कि तेहरान ने भारत, रूस, चीन, इराक और पाकिस्तान सहित मित्र देशों के जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है। उन्होंने कहा कि यह जलडमरूमध्य ‘दुश्मनों और उनके सहयोगियों’ के लिए बंद है।
- आज मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार की शाम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बातचीत करेंगे। इस बैठक में पश्चिम एशिया में बदलते हालात की समीक्षा की जाएगी और इसके भारत पर पड़ने वाले असर का आकलन किया जाएगा। राज्य सरकारों को कुछ निर्देश भी दिए जा सकते हैं ।


