
श्रीनगर (गढ़वाल): पहाड़ की स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़े अभाव को दूर करते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर के बेस चिकित्सालय में बहुप्रतीक्षित ‘कैथ लैब’ (Cath Lab) का संचालन आगामी 8 मई 2026 (शुक्रवार) से शुरू होने जा रहा है। इस आधुनिक सुविधा के शुरू होने से गढ़वाल संभाग के हृदय रोगियों को अब इलाज के लिए ऋषिकेश, देहरादून या दिल्ली जैसे महानगरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इस ऐतिहासिक शुरुआत के अवसर पर दून अस्पताल के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अमर उपाध्याय 8 और 9 मई को बेस अस्पताल में अपनी विशेष सेवाएं देंगे। वे न केवल ओपीडी में मरीजों का परीक्षण करेंगे, बल्कि जटिल हृदय रोगों से जूझ रहे मरीजों के ऑपरेशन भी करेंगे। विशेषज्ञ की सीधी उपलब्धता से क्षेत्रीय मरीजों को उच्च स्तरीय कार्डियक केयर का लाभ घर के पास ही मिल सके।
इस कैथ लैब की स्थापना लगभग 6 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत से की गई है। हालांकि इसका उद्घाटन 19 जुलाई 2024 को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और सांसद अनिल बलूनी द्वारा किया गया था, लेकिन तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण इसके वास्तविक संचालन में करीब दो वर्ष का समय लगा। अब सभी बाधाएं दूर कर ली गई हैं और लैब पूरी तरह फंक्शनल है।
यह सुविधा केवल स्थानीय निवासियों के लिए ही नहीं, बल्कि चारधाम यात्रा पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए भी ‘लाइफ लाइन’ साबित होगी। अक्सर यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को हार्ट अटैक या सांस फूलने जैसी गंभीर कार्डियक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। श्रीनगर में कैथ लैब होने से अब गोल्डन आवर (आपातकालीन समय) में मरीजों को इलाज मिल सकेगा, जिससे मौतों के आंकड़ों में कमी आएगी। कैथ लैब के संचालन को लेकर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश रावत और मेडिसिन विभाग के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि नर्सिंग स्टाफ और तकनीशियन पूरी मुस्तैदी से तैनात रहें। डॉ. सयाना ने कहा कि हमारा लक्ष्य मरीजों को बिना किसी देरी के गुणवत्तापूर्ण उपचार देना है।



