धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला, मेरठ से हरिद्वार तक बढ़ेगा गंगा एक्सप्रेस-वे, 15 प्रस्तावों को मिली हरी झंडी

Dehradun, 08 august, 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड के विकास को रफ्तार देने वाले 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक का सबसे बड़ा फैसला गंगा एक्सप्रेस-वे का विस्तार मेरठ से हरिद्वार तक करने के प्रस्ताव को मंजूरी देना रहा। इसके अलावा प्रदेश में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने और वन विकास निगम में स्केलर पद की भर्ती प्रक्रिया को यूकेएसएसएससी (UKSSSC) के नए पैटर्न पर ढालने की विनियमावली-2026 को भी स्वीकृति दे दी गई है।
बैठक के बाद महानिदेशक (सूचना) बंशीधर तिवारी ने मीडिया सेंटर में कैबिनेट फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 15 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कहा कि एक्सप्रेस-वे का प्रस्तावित विस्तार के बाद हरिद्वार और प्रयागराज जैसे देश के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र बेहतर सड़क संपर्क से जुड़ जाएंगे। इससे कांवड़ यात्रा, तीर्थयात्रा और धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही, दोनों राज्यों के बीच आवागमन आसान होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से औद्योगिक निवेश आकर्षित होगा। इसके साथ ही नए रोजगार के अवसर मिलने से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। गौरतलब है कि गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण और लंबी एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में से एक है। यह मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर दांदू गांव तक लगभग 594 किलोमीटर लंबा है। वर्तमान में इसे छह लेन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जबकि भविष्य में इसे आठ लेन तक विस्तारित करने की योजना है।
राज्य सरकार ने प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने, वन क्षेत्रों में मिलने वाली जड़ी-बूटियों के बेहतर संरक्षण एवं वैज्ञानिक दोहन को सुनिश्चित करने का भी निर्णय लिया है। इसके लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी गई।मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली इस समिति में अब सचिव/अपर सचिव (वन) को सदस्य सचिव बनाया गया है। इसके अलावा मुख्य वन संरक्षक (ईको टूरिज्म) और ईको टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक को भी समिति का सदस्य शामिल किया गया है।सरकार का उद्देश्य ईको टूरिज्म की गतिविधियों का विस्तार करना है। इसके अलावा वनों में उपलब्ध औषधीय एवं सुगंधित पौधों का योजनाबद्ध और टिकाऊ उपयोग सुनिश्चित करना भी है। भविष्य में यदि ईको टूरिज्म से संबंधित उच्चाधिकार प्राप्त समिति के गठन या सदस्यों में किसी प्रकार के संशोधन की आवश्यकता होती है, तो इसके लिए मुख्य सचिव को अधिकृत किया गया है।
सरकार ने उत्तराखंड वन विकास निगम सेवा (संशोधन) विनियमावली, 2026 को मंजूरी दे दी है। अब स्केलर पद पर होने वाली सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) के अनुरूप बनाया गया है। नई व्यवस्था के तहत स्केलर पद के अभ्यर्थियों के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें 50 अंक सामान्य विज्ञान और 50 अंक सामान्य गणित के लिए निर्धारित किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और एकरूप होगी। साथ ही, चयन प्रक्रिया में दक्षता बढ़ेगी और अभ्यर्थियों को आयोग की अन्य भर्तियों के अनुरूप समान परीक्षा प्रणाली का लाभ मिलेगा।



