
देहरादून/हरिद्वार। आगामी हरिद्वार कुंभ मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को शून्य के स्तर पर लाने की व्यापक योजना बनाई है। राज्य वन्यजीव बोर्ड और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को कुंभ क्षेत्र व आसपास के संवेदनशील इलाकों में क्विक रिस्पॉन्स टीमों (QRT) की चौबीसों घंटे तैनाती के सख्त निर्देश दिए हैं।
वन विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन के त्रिस्तरीय समन्वय से बनने वाली इस सुरक्षा व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों की आबादी वाले क्षेत्रों में संभावित आवाजाही को समय रहते नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित व सुगम माहौल प्रदान करना है।राज्य वन्यजीव बोर्ड और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार कुंभ में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि वन विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्यूआरटी टीमों को आवश्यक संसाधनों और आधुनिक उपकरणों से लैस किया जाए, ताकि वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों में आने या किसी अप्रत्याशित स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी और वन्यजीवों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के भी निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कुंभ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावनाओं को न्यूनतम करने के लिए पहले से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।



