
देहरादून। श्री बदरीनाथ और केदारनाथ धाम की पवित्रता और मर्यादा को बनाए रखने के लिए मंदिर समिति ने इस बार कड़े सुरक्षात्मक और आध्यात्मिक कदम उठाने का निर्णय लिया है। मंगलवार को मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि आगामी यात्रा सीजन से मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन ले जाने और रील बनाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन का मानना है कि मोबाइल के बढ़ते उपयोग और सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने की होड़ से न केवल मंदिर की शांति भंग होती है, बल्कि आम श्रद्धालुओं को भी दर्शन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसके लिए बाकायदा 50 से 60 मीटर के दायरे को ‘नो मोबाइल जोन’ बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
यही नहीं, मंदिर की परंपराओं को अक्षुण्ण रखने के लिए गर्भगृह में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर भी सख्त नियम लागू किए गए हैं। अब बदरी-केदार सहित अन्य संबद्ध मंदिरों के गर्भगृह में केवल सनातन धर्म में आस्था रखने वाले ही प्रवेश कर सकेंगे। यदि कोई गैर-हिंदू दर्शन करना चाहता है, तो उसे अपनी आस्था प्रमाणित करने के लिए एक शपथ पत्र (एफिडेविट) देना होगा। मंदिर समिति का यह फैसला उन विवादों और घटनाओं को रोकने की दिशा में देखा जा रहा है, जो अक्सर सोशल मीडिया पर मंदिर की मर्यादा के विपरीत वीडियो वायरल होने के बाद पैदा होते हैं। शासन की ओर से जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक एसओपी (SOP) जारी की जाएगी।
कहा कि मंदिर परिसर में मोबाइल से रील बनाने वालों की अनावश्यक भीड़ रहती है। इससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए मोबाइल बैन किया गया है। कहा कि श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ व अन्य मंदिरों के गर्भगृह में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर भी रोक रहेगी। गैर सनातनी एफिडेविट देकर कर सकेंगे दर्शन: श्रीबदरीनाथ केदारनाथ सहित अन्य मंदिरों में यदि कोई गैर हिंदू दर्शन करना चाहता है तो वह हिंदू धर्म में आस्था जताने का एफिडेविट देकर दर्शन कर सकेगा।
सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर में दर्शन करने के सवाल पर हेमंत द्विवेदी ने कहा कि सनातन का स्वरूप विराट है, विश्व में जिसकी भी सनातन में आस्था है, वह सनातनी है, हम उनका स्वागत करते हैं। सारा अली की सनातन के प्रति आस्था है तभी वह आती हैं, वह आएंगी तो एफिडेविट देंगी।



