बॉबी पंवार ने चकराता विधायक निधि में लगाया करोड़ों के घोटाले का आरोप, प्रीतम सिंह ने कहा- जांच को तैयार

देहरादून। उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने चकराता विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि के कार्यों में करोड़ों रुपये के वित्तीय घपले और दस्तावेजी फर्जीवाड़े का सनसनीखेज खुलासा किया है। सूचना के अधिकार (RTI) से मिली फाइलों के हवाले से मोर्चा ने आरोप लगाया है कि कागजों पर काम दिखाने के लिए 10 साल पहले मर चुके लोगों के नाम पर मजदूरी का भुगतान किया गया और बिना जियो-टैग व फर्जी बिलों के जरिए सरकारी खजाने को चूना लगाया गया। मोर्चा ने सरकार से दोषियों के खिलाफ तत्काल आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की है और सात दिन के भीतर जांच व कार्रवाई न होने पर सीडीओ कार्यालय के घेराव की चेतावनी दी है। दूसरी ओर, चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए सरकार से किसी भी तरह की जांच कराने की चुनौती स्वीकार की है।
शुक्रवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार से प्राप्त 531 फाइलों की जांच में सामने आया कि विकास कार्यों के नाम पर सरकारी खजाने की खुली लूट की गई है। उन्होंने कहा है कि जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह आया है कि कागजों पर काम दिखाने के लिए लगभग दस वर्ष पूर्व मर चुके व्यक्तियों के नाम श्रमिक उपस्थिति पंजिका में दर्ज कर मजदूरी का भुगतान कर दिया गया।
उन्हांने कहा कि नियम ताक पर रखकर बिना जियो-टैग फोटोग्राफ और बिना बिल-वाउचर के ही करोड़ों के भुगतान ठिकाने लगा दिए गए। अधिकारियों और ठेकेदारों की जुगलबंदी का आलम यह है कि एक ही धुंधली फोटो को दर्जनों अलग-अलग कार्यों में इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि यही नहीं, जिन फर्मों के नाम पर जीएसटी रहित बिल लगाए गए, धरातल पर उन दुकानों का कोई वजूद ही नहीं है। पंवार ने कहा कि 2024 में पूर्ण हो चुके कार्यों के मस्टरोल में साल 2025 के फर्जी हस्ताक्षर मिलना साफ करता है कि यह जनता के धन के साथ सुनियोजित विश्वासघात है।
चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने कहा है कि उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने जो आरोप लगाए है वह बेबुनियाद है। उन्होंने कहा कि सरकार इसकी जांच कराएं वह इसके लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि काम तो कार्यदाही संस्था को देखना होता है। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि नाम्स के आधार पर वितरित किए गए। मोर्चा के चकराता विधानसभा प्रभारी स्वराज चौहान ने कहा कि व्यक्तिगत लाभ के लिए सरकारी धन की इस बंदरबांट को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



