सीएम धामी का बड़ा तोहफा: वृद्धावस्था, विधवा व दिव्यांगजनों सहित 9.87 लाख लोगों को 146 करोड़ की पेंशन जारी

देहरादून। सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं के 9 लाख 87 हजार 17 लाभार्थियों को जुलाई माह की पेंशन राशि का सीधा भुगतान किया। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 146 करोड़ 32 लाख 50 हजार रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित किए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य ध्येय अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक बिना किसी परेशानी के पूरी पारदर्शिता के साथ योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। पेंशन राशि का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सीधे खातों में हस्तांतरण किया जा रहा है। ताकि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज का कमजोर वर्ग सरकार के परिवार का हिस्सा है। बुजुर्ग माता-पिता, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को अपने अधिकार के लिए किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को सम्मान के साथ समय पर उसका हक मिलना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ उत्तराखंड को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब समाज के प्रत्येक वर्ग को सामाजिक सुरक्षा और विकास का लाभ मिले। समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने बताया कि जुलाई माह की पेंशन किश्त के तहत 9,87,017 लाभार्थियों को भुगतान किया गया। इनमें ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएएसपी) के करीब 2.15 लाख पेंशनर भी शामिल हैं। इन लाभार्थियों को वर्तमान में एसएनए स्पर्श प्रणाली के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है। वृद्धावस्था पेंशन के 6,15,628 लाभार्थियों को 1,500 रुपये प्रतिमाह की दर से 92.34 करोड़ रुपये मिले।
विधवा पेंशन के 2,36,983 लाभार्थियों को 35.54 करोड़ और दिव्यांग पेंशन के 89,128 लाभार्थियों को 13.36 करोड़ रुपये दिए गए। इसके अलावा किसान पेंशन के 27,288 लाभार्थियों को 3.20 करोड़, परित्यक्ता पेंशन के 8,284 लाभार्थियों को करीब 99.40 लाख, भरण-पोषण अनुदान के 7,383 लाभार्थियों को 51.68 लाख, तीलू रौतेली पेंशन के 2,196 लाभार्थियों को 26.35 लाख और बौना पेंशन के 127 लाभार्थियों को 1.52 लाख रुपये वितरित किए गए।



