उत्तराखंड में 20 नई चोटियों पर ट्रेकिंग से पहले होगा पर्यावरणीय ऑडिट, PCB को सौंपी गई जिम्मेदारी

देहरादून। उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारियों के बीच धामी सरकार ने हिमालयी पर्यावरण की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राज्य में पर्वतारोहण और ट्रेकिंग के लिए प्रस्तावित 20 नई पर्वत चोटियों को पर्यटकों के लिए खोलने से पहले उनका विस्तृत पर्यावरणीय ऑडिट कराया जाएगा। इस महत्वपूर्ण अध्ययन की जिम्मेदारी उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) को सौंपी गई है, जो विभिन्न वैज्ञानिक और शोध संस्थानों की मदद से इन चोटियों की वहन क्षमता (Carrying Capacity) और जैव विविधता का मूल्यांकन करेगा।
PCB की रिपोर्ट के आधार पर ही शासन तय करेगा कि कौन-कौन सी चोटियाँ पर्यटन गतिविधियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित और उपयुक्त हैं। केंद्र सरकार ने आम बजट में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को विश्वस्तरीय ट्रेकिंग और हाइकिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। इसके बाद उत्तराखंड सरकार ने भी इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। इसी वर्ष केंद्र सरकार ने राज्य में 20 और नई चोटियों को पर्वतारोहण और ट्रेकिंग के लिए खोलने की मंजूरी दी है। वन मुख्यालय ने शासन को प्रस्ताव भेजते हुए इन सभी चोटियों का पर्यावरणीय ऑडिट कराने का आग्रह किया। हाल ही में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में इस प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
ऑडिट के दौरान में जैव विविधता, वनस्पति, वन्यजीवों की मौजूदगी, जल स्रोतों, कचरा प्रबंधन, ट्रेकिंग क्षमता और मानव गतिविधियों के संभावित प्रभाव का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे शासन को सौंपा जाएगा, जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। नई चोटियां खुलने से उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को बड़ा विस्तार मिलेगा। सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। जिससे होम-स्टे, गाइड, पोर्टर, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प और छोटे कारोबारों को नया बाजार मिलेगा।
साथ ही सरकार का प्रयास है कि पर्यटन विकास का मॉडल पूरी तरह ईको-फ्रेंडली हो, ताकि हिमालय की संवेदनशील पारिस्थितिकी सुरक्षित रहे और पर्यटन भी सतत रूप से आगे बढ़ सके। वर्तमान में उत्तराखंड में 83 पर्वत चोटियां पर्वतारोहण और ट्रेकिंग के लिए खुली हुई हैं। वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने 41 नई चोटियों को खोलने की अनुमति दी थी, लेकिन मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट पहुंच गया। न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी नई चोटी को खोलने से पहले उसके पर्यावरणीय प्रभाव का वैज्ञानिक अध्ययन और आकलन कराया जाए।
अदालत के निर्देशों के बाद पर्यावरणीय ऑडिट की प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया गया। पीसीबी के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि पर्यावरणीय ऑडिट के लिए राज्य के विभिन्न वैज्ञानिक एवं शोध संस्थानों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। संस्थानों का चयन होने के बाद विशेषज्ञ टीमें प्रत्येक प्रस्तावित चोटी का सर्वे करेंगी।



