उत्तराखंड

सफल लोकसेवक के लिए नैतिक मूल्य और संवेदनाएँ जरूरी: भूपेंद्र यादव

देहरादून। “एक सफल लोकसेवक की पहचान केवल उसके प्रशासनिक कौशल से नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों, कार्यकुशलता और मानवीय संवेदनाओं से होती है।” यह बात केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कही। वे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (IGNFA) में भारतीय वन सेवा (IFS) के 2024 बैच के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नवप्रशिक्षित अधिकारियों से केवल प्रशासक न बनकर, समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाला नेतृत्वकर्ता बनने का आह्वान किया।

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि उच्च नैतिक मूल्य, समय का सदुपयोग और सीमित संसाधनों में अधिकतम परिणाम देने की क्षमता ही किसी अधिकारी की वास्तविक पहचान होती है। उन्होंने कहा कि लोकसेवा में ईमानदारी, जवाबदेही और समर्पण ही किसी अधिकारी को विशिष्ट बनाते हैं। कहा कि नेतृत्व का अर्थ केवल प्रशासन चलाना नहीं, बल्कि त्याग, करुणा और दूसरों को प्रेरित करने की क्षमता विकसित करना है।

एक सच्चा अधिकारी वही है, जो अपने निर्णयों से समाज में विश्वास पैदा करे और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए। उन्होंने अधिकारियों से आत्ममूल्यांकन और आत्मबोध को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद सीखने की प्रक्रिया नहीं रुकनी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि आज पास आउट होने वाले युवा अधिकारी वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन का समापन इस संदेश के साथ किया कि “एक अच्छा अधिकारी वही है, जो सबसे पहले एक अच्छा इंसान हो।” समारोह में 2024 बैच के 109 भारतीय वन सेवा परिवीक्षार्थियों तथा भूटान के दो अधिकारी प्रशिक्षुओं सहित कुल 111 अधिकारियों ने 20 माह का प्रशिक्षण पूरा किया। केंद्रीय मंत्री ने सभी सफल अधिकारियों को प्रमाणपत्र एवं पदक प्रदान किए।

राजस्थान संवर्ग की प्रतीक्षा नानासाहेब काले बैच की टॉपर रहीं और उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में चेयरमैन-सीईसी सीपी गोयल, अपर वन महानिदेशक संतोष तिवारी, अपर वन महानिदेशक रमेश कुमार पाण्डेय, अपर सचिव अमनदीप गर्ग, महानिदेशक, आईसीएफआरई कंचन देवी, निदेशक, अपर निदेशक, आईजीएनएफए एनसी सरवणन, वन महानिरीक्षक डॉ. वी क्लेमेंट बेन, निदेशक भारतीय वन्यजीव संस्थान डॉ. जीएस भारद्वाज, निदेशक, एफआरआई, पर्यावरण मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार, वन महानिदेशक सुशील कुमार अवस्थी, आईजीएनएफए के निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद खजूरिया सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित रहे।

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