उत्तराखंड

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) में शुरू हुआ ‘समाधान दिवस’, अब महीने के प्रथम और अंतिम सोमवार को होगी जनसुनवाई 

देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर अब प्रत्येक माह के प्रथम और अंतिम सोमवार को प्राधिकरण मुख्यालय में ‘समाधान दिवस’ का आयोजन किया जाएगा। सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक चलने वाले इस जनसुनवाई कार्यक्रम के माध्यम से नागरिक भवन मानचित्र स्वीकृति, अवैध निर्माण और भूमि विवाद जैसी समस्याओं को सीधे उच्च अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे। एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल विकास परियोजनाओं को गति देना नहीं, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच संवाद को मजबूत करना भी है।

समाधान दिवस के माध्यम से लोगों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा, जिससे शिकायतों का निस्तारण अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी ढंग से हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सुशासन और जनसरोकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी सोच के तहत एमडीडीए ने यह पहल शुरू की है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा भी होगी।

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि समाधान दिवस प्रत्येक माह के प्रथम एवं अंतिम सोमवार को प्रातः 10:30 बजे से अपराह्न 2:00 बजे तक प्राधिकरण मुख्यालय, देहरादून में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्राप्त शिकायतों और सुझावों का संबंधित विभागों के माध्यम से त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण कराया जाएगा। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि समाधान दिवस में प्राप्त मामलों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित करें।

एमडीडीए के अनुसार लंबे समय से भवन मानचित्र स्वीकृति, अवैध निर्माण, भूमि संबंधी विवाद, विकास कार्यों और अन्य प्रशासनिक मामलों को लेकर नागरिक शिकायतें करते रहे हैं। अब समाधान दिवस के माध्यम से लोगों को एक निश्चित मंच और समय मिलेगा, जहां उनकी समस्याएं सीधे सुनी जाएंगी और उन पर कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे समाधान दिवस का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और निर्धारित तिथि व समय पर अपनी शिकायतें एवं सुझाव प्रस्तुत करें। एमडीडीए का मानना है कि यह व्यवस्था न केवल जनसुनवाई प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाएगी, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच विश्वास को भी मजबूत करेगी।

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