
Dehradun, 14 October, 2026। उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार अपनी क्षमता और संसाधनों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को जल्द ही 100 एमबीबीएस सीटों की अनुमति मिलने की उम्मीद है, जिससे राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल सीटें 675 से बढ़कर 775 हो जाएंगी। सरकारी और निजी संस्थानों को मिलाकर प्रदेश में एमबीबीएस सीटों की कुल संख्या करीब 1700 तक पहुंच जाएगी। पिछले कुछ वर्षों में अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और हरिद्वार के बाद अब रुद्रपुर में कॉलेज शुरू होने से न केवल स्थानीय युवाओं के लिए डॉक्टर बनने के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं और डॉक्टरों की उपलब्धता को भी एक नया आयाम मिलेगा। बीते पांच वर्ष में अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और हरिद्वार में तीन नए राजकीय मेडिकल कॉलेज शुरू हुए हैं।
रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज के तैयार होने के बाद अब यहां शैक्षणिक सत्र शुरू करने और सीटों की अनुमति मिलने पर नजर है। हालांकि, 100 सीटों पर प्रवेश के लिए संबंधित नियामक की औपचारिक मंजूरी जरूरी होगी। प्रदेश सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ मेडिकल शिक्षा को भी मजबूत करना है। इसी क्रम में हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में देहरादून, हल्द्वानी, श्रीनगर, अल्मोड़ा, हरिद्वार और पिथौरागढ़ में छह सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। इनके अलावा चार निजी मेडिकल कॉलेजों में कुल 900 एमबीबीएस सीटें हैं, जबकि एम्स ऋषिकेश में 125 सीटें उपलब्ध हैं।
रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को अनुमति मिलने से सरकारी क्षेत्र में सीटों की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे स्थानीय युवाओं को मेडिकल शिक्षा के अधिक अवसर मिलने के साथ प्रदेश में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने की कोशिशों को भी गति मिल सकती है। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ आशुतोष सयाना ने कहा कि उत्तराखंड मेडिकल एजुकेशन में देश ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। भविष्य में उत्तराखंड देश ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर डॉक्टर, नर्स आदि मानव संसाधन उपलब्ध कराने की स्थिति में आ जाएगा।
उत्तराखंड को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारी सरकार युद्धस्तर पर काम कर रही है। हर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना हमारा संकल्प है, ताकि स्थानीय स्तर पर ही योग्य डॉक्टर तैयार हों और होनहार छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए उत्तराखंड से बाहर न जाना पड़े। मेडिकल एजुकेशन के साथ ही हेल्थकेयर तक भी पहुंच बढ़ाने पर सरकार का फोकस है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड



